Welcome to This Web Portal is Made For The Temple of Mogal Maa at Panidhra. JAY MOGAL MAA
Monday, April 20, 2015
Monday, April 13, 2015
Jay Ho Mogal Chhoru
मैं मर जाऊँ तो
सिर्फ मेरी इतनी
पहचान लिख देना
मेरे खून से मेरे माथे पर
" जय मोगल " लिख देना
कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में
तो एक कागज के टुकड़े में
"गढवी" लिख देना
ना दौलत पर गर्व करते है,
ना शोहरत पर गर्व करते है,
किया भगवान ने 'चारण' के घर पैदा,
इसलिये अपनी किस्मत पर
गर्व करते हे
जय मोगल मा…मोगल .......
Posted By :: Ajit Gadhvi
Thursday, April 9, 2015
Mogal Maa Ni Maher...
मोगल तारी महेर...............
हांक करु त्या हाजर थाती, माडी अेक ज कीधे कहेण ,
मोगल मोगल नाम जपो त्या थय जाय लीला लहेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......(1)
ओखा ,धरा ने मात उजाणी , पुंजाणी गाम नगर शहेर
चारण ,राजपुत आहीर पुंजे ,कयांक वाणंद ने मेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर.......( 2)
गोरवीयाणी मांतु गामनी माडी , तारा परचा ठेर ठेर
कवेणे मां तु थई कोपाणी , थापे थई नदी बाजुमा नहेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर.......( 3 )
भगुडा मां तु अेवी ममताणी,पारणा झुलाव्या घेरे घेरे ,
खुल्ला दरवाजा पण कोय चोरी करे नही, करे तो काणो केर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 4 )
भालमां राणेसर झींडवा बेठी, नमता शेर ने शवासेर
मा तने वालो छे तरवाडो , हाथ ना कांकण ने कान नी शेर.,
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 5 )
अढार आलम तारी मानता राखे ,होय खोट जो माटी शेर,
भुल थी खोटा तारा सम जो खाधा , अेनी नथी कोई खेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 6 )
कणयुगमा मां तु अेवी पंकाणी , पुजाणी आंठो आंठ पहेर,
""दान गीरीश "" के जेने आशिस तारा, सामे बांधे नही कोई वेर ,
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 7. )
{ ढाण -- फुल तुम्हे भेजा हे खतमे }.
रचयता => गीरीशदान अचणदान गढवी (वीरवदरका)
पोस्ट टाईप => मनुदान गढवी
Thanks To रचयता, पोस्ट टाईप.
Blogger Post By :: Ajit Gadhvi.
हांक करु त्या हाजर थाती, माडी अेक ज कीधे कहेण ,
मोगल मोगल नाम जपो त्या थय जाय लीला लहेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......(1)
ओखा ,धरा ने मात उजाणी , पुंजाणी गाम नगर शहेर
चारण ,राजपुत आहीर पुंजे ,कयांक वाणंद ने मेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर.......( 2)
गोरवीयाणी मांतु गामनी माडी , तारा परचा ठेर ठेर
कवेणे मां तु थई कोपाणी , थापे थई नदी बाजुमा नहेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर.......( 3 )
भगुडा मां तु अेवी ममताणी,पारणा झुलाव्या घेरे घेरे ,
खुल्ला दरवाजा पण कोय चोरी करे नही, करे तो काणो केर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 4 )
भालमां राणेसर झींडवा बेठी, नमता शेर ने शवासेर
मा तने वालो छे तरवाडो , हाथ ना कांकण ने कान नी शेर.,
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 5 )
अढार आलम तारी मानता राखे ,होय खोट जो माटी शेर,
भुल थी खोटा तारा सम जो खाधा , अेनी नथी कोई खेर
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 6 )
कणयुगमा मां तु अेवी पंकाणी , पुजाणी आंठो आंठ पहेर,
""दान गीरीश "" के जेने आशिस तारा, सामे बांधे नही कोई वेर ,
मोगल तारी महेर, मोगल तारी महेर ......( 7. )
{ ढाण -- फुल तुम्हे भेजा हे खतमे }.
रचयता => गीरीशदान अचणदान गढवी (वीरवदरका)
पोस्ट टाईप => मनुदान गढवी
Thanks To रचयता, पोस्ट टाईप.
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Saturday, April 4, 2015
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